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रिस्तो का एहेसास- Short story in hindi

रिस्तो का एहेसास

यह कहानी एक लड़के की है जो शहर में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया जो इंटरव्यू ले रहे थे तो उन्होंने पूछा कि तुम्हारे पिता क्या करते हैं तो लड़के ने बताया कि मेरे पिता एक किसान है वह गांव में खेती करते हैं तो लड़के से फिर पूछा कि तुम भी खेती में काम करते रहते होगे तो लड़के ने कहा मैंने तो खेतों में काम नहीं किया ,इंटरव्यू वाले ने कहा , क्यों  ।


लड़के ने बताया मेरे पिता मुझे हमेशा पढ़ाई करने को ही कहा मुझे काम करने को नहीं कहा इंटरव्यू वालों ने कहा आज आप घर जाइए और एक दिन अपने पिता के साथ खेतों में काम करके आइए और अपना अनुभव हमें बताइए 2 दिन बाद आप वापस आइए तो लड़के ने सोचा कि 2 दिन बाद बुलाया है मुझे तो नौकरी मिल गई लड़का घर गया। 
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एक डब्बे में मिठाई लेकर गया कि मुझे नौकरी तो मिल गई अगले दिन बेटा अपने पिता से जिद करने लगा कि मुझे खेतों में काम करने जाना है और वहां का अनुभव करना है लड़का बहुत उत्साह से गया दिन भर खेतों में काम करके घर वापस आया तो उसे बहुत थकान महसूस हुई और सोचने लगा कि मेरे पिता हमेशा खेतों में काम करके मुझे यहां तक पहुंचाया है

 रात भर सोचता रहा अगले दिन इंटरव्यू देने पहुंचा तो इंटरव्यू वालों ने पूछा कि आपका खेतों का अनुभव कैसा रहा आप हमें बताइए लड़के ने बताया कि कल मुझे रिश्तो का एहेसास हुआ । कितना बलिदान देना पड़ता है अपनों को आगे बढ़ने के लिए इतनी बातें सुनकर इंटरव्यू वालों ने कहा यही सारी क्वालिटी मुझे अपने मैनेजर में चाहिए आज तुम एक सही इंसान बन गए हो

शिक्षा - यह छोटी सी कहानी बहुत बड़ी सीख देती है जिंदगी में अच्छे मां-बाप का होना बहुत जरूरी है और हमें यह खजाना मिला है तो हमें मिस नही करना चाहिए।

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 तुम जाओ गांव के पास एक तालाब है वहां से इस घड़े में पानी भरकर ले आओ शिष्य आज्ञाकारी था वह तालाब के पास पहुंचा तो उसने देखा कि उस तालाब पर तो किसान अपने बैलों को स्नान करा रहे हैं 


और लोग तालाब पर कूद कूद स्नान कर रहे है इसके कारण तालाब का पानी तो गंदा था वह सोचने लगा कि इतना गंदा पानी गुरु जी को लेकर जाऊं तो कैसे जाऊं थोड़ी देर इंतजार किया फिर वह अपने गुरूजी के पास वापस पहुंच गया 


जहां गौतम बुध्द एक पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे और गौतम बुद्ध से कहा माफी चाहता हूं गुरुदेव मैं चाहता था पानी भरकर लाना लेकिन पानी इतना गंदा था कि मैं पानी भर कर नहीं ला पाया गौतम बुद्ध ने उससे कहा चलो अच्छा तुम भी यही आराम कर लो आधे घंटे बाद गौतम बुद्ध ने शिष्य से कहा 

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तुम जाओ इस घड़े में तालाब से पानी भरकर ले आओ बहुत तेज प्यास लगी है शिष्य फिर से तालाब पर पहुंचा तो उसने …

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