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चुपचाप- Short film story in hindi

                           "चुपचाप"
"  चुपचाप सब हो जाता है होकर के करके गुजर जाता है ,वो शैतानी काला साया पीछे से आ जाता है ,गुर्दा के ऐसे फटता है जैसे बाज चिड़िया ले जाता है, बदन पर फर्क क्या ही पड़ेगा वो रूह में आग लगाता है ,चुपचाप सब हो जाता है होकर करके गुजर जाता है ,रास्ते पर इज्जत लुटती है रास्ता भी र्थथराता है आंख से आंसू नहीं गिरता कुछ लहू सा  टपक जाता है, चुपचाप सब हो जाता है होकर करके गुजर जाता है, मिलता उसको इंसाफ यहां जो इसके लिए लड़ जाता है, उसके जख्म नासूर बने जो अपने जख्म छुपाता है, चुपचाप सब हो जाता है वह करके गुजर जाता है  "
यह कहानी रुनझुन की मां की कहानी है मां का नाम गीता था रुनझुन के पिता का नाम रजत था यह कहानी शुरू होती है रुनझुन के घर से रुनझुन स्कूल के लिए तैयार हो रही थी तभी रजत ने टीवी ऑन कर दी इसमें   एक बलात्कार की खबर आ रही थी तभी रजत ने गीता से कहा सुनो रुनझुन का शाम 7:00 बजे का ट्यूशन बंद करा दो कहीं हमारी रुनझुन के साथ कुछ गलत ना हो जाए तो तुम साथ उसे कोचिंग छोड़ने और लेने जाना और रजत ऑफिस चला गया था है 

गीता भी रुनझुन को स्कूल ले जाती…

कहानी-पत्नी का नाटक-Short story in Hindi

पत्नी का नाटक

यह कहानी हिंदू धर्म के बारे में बताती है हिंदू धर्म में भगवान और भूत को ज्यादा ही लोग मानते हैं यह कहानी भी हिंदू धर्म से जुड़ी हुई है यह कहानी हिंदुस्तानी पत्नी और उसके पति की कहानी है

पति शराबी और मांसाहारी था हर रोज पति शराब पीकर घर आ जाता था लेकिन पत्नी शुद्ध शाकाहारी थी पति हर महीने में चार या पांच बार घर में मांसाहारी भोजन बनता था और शराब पीता था। आप ये कहानी हिन्दू स्टोरी डॉटकॉम पढ़ रहे हैं।
Indian old woman

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पत्नी पति को हमेशा समझाती थी कि तुम घर में मांसाहारी भोजन मत पकाया करो मुझे पसंद नहीं है मैं घर में भगवान की पूजा करती हूं और तुम यहीं पर जीव हत्या करते हो पति पत्नी की बात कभी नहीं मानता था ऐसे कई साल बीत गए हर महीने पति तीन या चार बार मझली या मुर्गा का मांस जरूर बनाता था 1 दिन पत्नी ने अपने पति को सबक सिखाने के लिए एक योजना बनाई

अगले दिन पति ने मुर्गा का मांस बनाया था तो रात का समय था पत्नी ने नाटक फैला दिया जोर जोर से रात को रोने लगी ऐसा करने लगी कि जैसे कोई भूत का साया हो जोर जोर से रो रही थी पति डर गया रात का समय था तो लोग अपने-अपने घर से देखने आने लगे क्या हो गया एक ने कहा इसको तो भूत चढ़ गए हैं तुम इसकी चुटिया पकड़ लो हिंदू धर्म में भगवान और भूत को ज्यादा ही मानते है

सभी लोग देखकर हैरान हो गए सभी लोग कहने लगे कि जाओ किसी बाबा को बुलाओ झाड़-फूंक करके इसके भूत उतारे जल्दी जाओ कुछ देर बाद किसी बाबा को बुलाया गया बाबा भी परेशान हो गया लेकिन भूत को नहीं भगा पाए। आप ये कहानी हिन्दू स्टोरी डॉटकॉम पढ़ रहे हैं।

अब तुम दूसरे बाबा को बुलाओ जो भूतों के बारे में ज्यादा ही जानता हो। अब भूतों के बाबा को बुलाया गया जब बाबा आए तो पत्नी को बहुत मारा बताओ तुम कौन हो और तुम यहां क्यों आई हो पत्नी जब तक मार सहन करती रही तब तक नाटक बंद नहीं किया 2 घंटे बीत गए तब


 जाकर पत्नी ने नाटक बंद किया और बोली मैं अब होश में हूं और पत्नी को अंदर ले गये बाबा ने कुछ मंत्र पढ़कर दिए और कहा जाकर इसको पंखे की हवा में सुला दो अगले दिन बाबा ने कुछ प्रसाद चढाने को कहा अगले दिन से पति अपनी पत्नी से डरने लगा पति भी सोचने लगा कि आज के बाद मै कभी भी मांसाहारी भोजन नहीं पकाऊगा अब पत्नी भी खुश रहने लगी और पति भी अब पति समय से भोजन करता नशा भी कम करता है आराम से दोनों एक साथ रहने लगे ।



शिक्षा - कभी भी पति को अपनी पत्नी को बेवजह परेशान नहीं करना चाहिए










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