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चुपचाप- Short film story in hindi

                           "चुपचाप"
"  चुपचाप सब हो जाता है होकर के करके गुजर जाता है ,वो शैतानी काला साया पीछे से आ जाता है ,गुर्दा के ऐसे फटता है जैसे बाज चिड़िया ले जाता है, बदन पर फर्क क्या ही पड़ेगा वो रूह में आग लगाता है ,चुपचाप सब हो जाता है होकर करके गुजर जाता है ,रास्ते पर इज्जत लुटती है रास्ता भी र्थथराता है आंख से आंसू नहीं गिरता कुछ लहू सा  टपक जाता है, चुपचाप सब हो जाता है होकर करके गुजर जाता है, मिलता उसको इंसाफ यहां जो इसके लिए लड़ जाता है, उसके जख्म नासूर बने जो अपने जख्म छुपाता है, चुपचाप सब हो जाता है वह करके गुजर जाता है  "
यह कहानी रुनझुन की मां की कहानी है मां का नाम गीता था रुनझुन के पिता का नाम रजत था यह कहानी शुरू होती है रुनझुन के घर से रुनझुन स्कूल के लिए तैयार हो रही थी तभी रजत ने टीवी ऑन कर दी इसमें   एक बलात्कार की खबर आ रही थी तभी रजत ने गीता से कहा सुनो रुनझुन का शाम 7:00 बजे का ट्यूशन बंद करा दो कहीं हमारी रुनझुन के साथ कुछ गलत ना हो जाए तो तुम साथ उसे कोचिंग छोड़ने और लेने जाना और रजत ऑफिस चला गया था है 

गीता भी रुनझुन को स्कूल ले जाती…

कहानी-राजा की तीन रानियां-short story in Hindi with moral

राजा की तीन रानियां

एक बार की बात है एक राजा की एक भी सन्ताने नहीं हो  रही थी तो राजा अपने गुरु के पास गया गुरु ने उसे एक मटका दिया  उस मटके में तीन सेब थे जो जादूई सेब थे राजा के गुरु ने बताया कि यह सेब तुम अपनी पत्नी को खिला देना तो तुम्हारी संतान पैदा हो जाएगी लेकिन गुरु ने यह भी बता  बताई कि यह सेब
Three Queen



को धरती पर नहीं रखना नहीं तो आप की औलाद जरूर पैदा होगी लेकिन तुम अपनी औलाद को पैदा करके पछताओगे राजा ने कहा ठीक है मैं इन्हें जमीन पर नहीं रखूंगा राजा वह मटका सहित  तीनों सेब को ले आया अपनी तीनों रानियों को दे दिया आप ये कहानी हिन्दू स्टोरी डॉटकॉम में पढ़ रहे हैं


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बड़ी रानी ने सेब को निकाला और खा लिया लेकिन मझली रानी सेब खाने ही वाली थी कि अचानक से रानी के हाथ से सेब धरती में गिर गया रानी ने धरती में गिरे हुए सेब को खा लिया रानी सोच रही थी कि राजा ने बताया था कि जो सेव धरती में रख दिया जाएगा तो उसे बच्चा पैदा नहीं होगा अब रानी को लग रहा था कि मुझे अब कभी भी बच्चें का प्यार नहीं मिल पाएगा


छोटी रानी ने अपना सेब आराम से खा लिया 6 महीने बाद राजा को खुशखबरी मिली तीनों रानियों के पेट में बच्चा है राजा बहुत खुश हुआ राजा को यह पता नहीं था मझली रानी ने धरती में गिरा हुआ सेब खा लिया है आखिरकार वह समय आ गया 9 महीने बाद तीनों रानियों से बच्चा

पैदा हुआ बड़ी रानी का बच्चा बड़ा ही काला पैदा हुआ और छोटी रानी का बच्चा भी बहुत काला पैदा हुआ तो राजा चकित रह गया और मझली रानी का बच्चा बहुत ही सुंदर पैदा हुआ था राजा उस बच्चे को देखकर बहुत ही खुश हुआ लेकिन राजा सोचने लगा कि लगता है यह दोनों बच्चे इसलिए काले काले हैं  यह सेब को धरती में रख दिया होगा राजा के मन में गलत विचार आने लगे । तीनों बच्चे बड़े हुए  आप ये कहानी  हिन्दू स्टोरी डॉटकॉम में पढ़ रहे हैं

जो सबसे सुंदर था राजा उसे ही सबसे ज्यादा प्यार करता था और दोनों को कम प्यार करता था तीनों बच्चों को अपने गुरु के पास बच्चों को शिक्षा पाने के लिए गुरुकुल भेज दिया।

 गुरु को पता चल गया कि अगला राजा कौन बनना चाहिए गुरु ने  राजा को बताया कि मैं तीनों बच्चों को भेज रहा हूं लेकिन तीनों ही बहुत ही बुद्धिमान हैं लेकिन राजा का पद बड़े बेटे को या छोटे बेटे को देना तो आपका राज्य आगे बढ़ेगा वरना आपका राज्य इसी वंश से खत्म हो जाएगा राजा ने गुरु की बात को अनसुना कर दिया और राजा ने अपनी गद्दी में मझलें बेटे को राजगद्दी में बैठा दिया

मझिले बेटे ने राजनीति करके अपने दोनों भाइयों को मरवा डाला और अपने पिता को जेल में कैद कर दिया प्रजा को परेशान करता रहा आखिरकार राजा का  पूरा वंश धीरे-धीरे खत्म हो गया

शिक्षा - हमेशा अपने गुरु की बात पर अमल रहना चाहिए कुछ बातें ऐसी भी होती हैं जो हम नहीं जानते और हमें बड़ों की बातों को अनसुना नहीं करना चाहिए






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