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अजनबी गिफ्ट- Short film story in hindi

अजनबी गिफ्ट

यह कहानी एक पिता की है जो अपनी बेटी की मौत गम मे ढूबा हुआ था। श्वेता की नौकरी लग गई तो श्वेता को शहर आना पड़ा श्वेता अपने भाई के साथ आई थी श्वेता की उम्र 18 वर्ष की थी श्वेता अपना सामान एक गाड़ी में लेकर शहर आई थी वह अपना सामान अपने कमरे में एक-एक करके कमरे को सजा रही थी कमरे के बाहर श्वेता बालकनी में पहुंची
अजनबी गिफ्ट- Short film story in hindi
अजनबी गिफ्ट

तो देखा कि 35 साल का आदमी उसे घूर घूर कर देख रहा था श्वेता कपड़े फैला रही थी श्वेता बार-बार उस आदमी को देख रही थी श्वेता कपड़े फैलाकर कमरे के अंदर आ गई तब तक उसका भाई कॉलेज जा चुका था श्वेता को ऑफिस जाने का समय भी हो गया था श्वेता ऑफिस के लिए बाहर निकली तो देखा वही आदमी उसे बाहर जाते हुए मिला

श्वेता उस आदमी के पास से गुजर गई श्वेता ऑफिस से वापस आ रही थी तो श्वेता ने वही आदमी को सड़क पर भी देखा श्वेता उससे कुछ नहीं बोली अगले दिन सुबह श्वेता कमरे के बाहर बालकनी मे बैठी अपने भाई के साथ बातें कर रही थी तो देखा कि वही आदमी उसे बार-बार देख रहा था श्वेता को लग रहा था कि वह शायद कुछ कहना चाहता है

लेकिन श्वेता डर भी रही थी वह एक अजनबी शहर में नौकरी कर रही है ऑफिस का समय हो चुका था तो वह कमरे के बाहर निकली तो देखा कि सामने फिर वही आदमी खड़ा हुआ था जैसे ही श्वेता उस आदमी के पास पहुंची तो उस आदमी ने हेलो कहा श्वेता ने उस हेलो का जवाब नहीं दिया और वह ऑफिस चली गई श्वेता ऑफिस पहुंची

तो ऑफिस में कुछ लोग खबर सुन रहे थे चार लड़कों ने मिलकर एक लड़की का मडर कर डाला श्वेता और भी परेशान हो रही थी अनजान आदमी उसका पीछा क्यों कर रहा है श्वेता ऑफिस से वापस आ रही थी कमरे से कुछ ही दूर एक ढाबा था वहां पर रोजाना दोपहर का भोजन श्वेता पैक कराती थी श्वेता ढावा में भोजन पैक कराने गई तो देखा वही आदमी उस ढाबे में बैठा हुआ था


श्वेता ने चार समोसे पैक कर आए जैसे ही श्वेता ने पैसे देने चाहे तो ढाबे वाले ने कहा कि तुम्हारे पैसे इस अंकल ने दे दिए हैं तो श्वेता ने कहा अगर आपको समोसे देने हैं तो यह रुपए रखो और श्वेता वहां से चली गई अगले दिन श्वेता अपने कमरे से बाहर निकली तो देखा कि वही आदमी अपने हाथों में कुछ गिफ्ट लिए हुए है तो श्वेता ने रास्ता बदल दिया

 तो कुछ देर बाद देखा तो वही आदमी श्वेता का पीछा कर रहा था और आगे जाकर श्वेता को गिफ्ट देना चाहता गुस्से से श्वेता ने कहा तुम मुझे क्यों परेशान कर रहे हो तुम्हारी उम्र मुझसे बहुत ज्यादा है क्यों मेरा पीछा कर रहे हो श्वेता ने उसके गिफ्ट को सड़क पर फेंक दिया और श्वेता ऑफिस चली गई श्वेता ऑफिस से वापस आ रही थी तो वह आदमी उसे कहीं भी नहीं दिखा

अगले दिन कमरे से बाहर निकली तो देखा वह आदमी वहां पर नहीं था श्वेता ऑफिस चली गई उस दिन श्वेता तो वही आदमी के बारे में सोच रही थी ऐसे ही 1 सप्ताह हो गया अब उसे वह आदमी दिख नहीं रहा था तो ऑफिस के आने के बाद उस आदमी के कमरे में गई और पूछा जोशी जी हैं तो जैसे ही श्वेता अंदर गई तो जोशी जी की फोटो में हार लटका हुआ था

उसकी पत्नी ने बताया कि मैंने और मेरे बेटे ने अपने पास बुलाया था तो वह इस घर को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे श्वेता ने देखा कि एक बगल में 18 साल की एक लड़की की फोटो पर भी हार लटका हुआ है उनकी पत्नी ने बताया कि यह अंजलि है इनकी बेटी इससे वह बहुत प्यार करते थे 1 सप्ताह पहले अंजली का जन्मदिन था तो वह यह गिफ्ट लेकर आए हुए थे देखा तो वही गिफ्ट था जो श्वेता ने सड़क पर फेंक दिया था इतना सब सुनकर श्वेता वहां से रोते हुए अपने कमरे में आ गई और श्वेता को अपने आप पर बहुत ही  पश्चाताप हुआ
शिक्षा - हर इंसान को सब की तरह नहीं सोचना चाहिए


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