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कहानी- कौआ की सोंच-moral story in hindi for class 6

कौआ की सोंच

एक कौआ था कौआ को एक ही तकलीफ थी वह काला था  एक बार एक साधू  उस पेड़ के गुजर रहा था जिसमें कौआ बैठा हुआ था साधु के गाल पर पानी टपका तो साधु ने ऊपर देखा तो कौआ रो रहा था साधु ने बोला रोता क्यों है कौवा बोला रोऊ नहीं तो क्या करूं यह कोई जीवन है रंग दिया है तो काला ।
कहानी- कौआ की सोंच-moral story in hindi for class 6
कौआ की सोंच



साधू :- तू खुश नहीं है
कौआ :- तकलीफ ही तकलीफ है जिसके घर पर जा बैठता हूं कांव-कांव करता रहता हूं उड़ाया जाता हूं कोई हमें पालता भी नहीं है आज तक आपने देखा कोई मुझे एक रोटी भी नहीं खिलाई होगी। शराद पर काम आता हूं लोग मुझे जूठा खिलाते हैं ।
साधू :- क्या बनना चाहते हो

कौआ :- मैं एक हंस बनना चाहता हूं क्या रंग है एकदम सफेद शांति का प्रतीक मुझे हंस बना दो
साधू :- चलो मैं आज तुम्हें एक हंस बना देता हूं लेकिन तुम जाकर एक बार हंस से मिल आ  कौआ भागा - भागा गया हंस के पास वाह हंस क्या रंग है तेरा क्या मस्त रहता है तू
हंस :- किसने कहा तुझसे


कौआ :- क्या तू भी खुश नहीं हैं
हंस :- यह क्या रंग है सफेद रंग मरने के बाद लोग पहनते हैं
कौआ :- तू खुश नहीं हैं
हंस :- नहीं
दोनों आए साधु के पास साधू  बोला तेरे हिसाब से हंस तुम्हें  क्या बनना चाहिए।
हंस :- बाबा हमें तोता बना दो ।


साधू :- मैं दोनों को तोता बना देता हूं लेकिन पहले तोते से मिल कर आओ दोनों तोते के पास पहुंचे वह मिट्ठू क्या रंग है तेरा लोग तुझे अच्छा से अच्छा खाना खिलाते हैं तेरे मजे हो रहे हैं।
तोता :- किसने कहा तुझसे

हंस :- अरे तुम भी खुश नहीं है तुझे क्या तकलीफ है
तोता :- अभी तुम चार चक्कर लगाकर गए तब मुझे ढूंढ पाए। अरे यह कोई रंग है पेड़ में मिल जाता हूँ तीनों आए महाराज मुझे यह बना दो तो बाबा बोला क्या बनना चाहते हो
तोता :- महाराज हमें मोर बना दो


बाबा :- अभी बनाता हूं लेकिन एक बार मोर से मिलाओ तीनों उड़ते हुए गए मोर के पास वह मोर क्या रंग है तेरा राष्ट्रीय प्रतीक है जब तुम अपने पंख उठाता है तो लोग देखने को तरस जाते हैं लोग तेरी फोटो खींचते हैं तू बड़ा ही खुश रहता होगा

मोर :- किसने बोला तुझसे कि मैं खुश हूं
तोता :- क्या तुम भी खुश नहीं है तुझे क्या तकलीफ है और मोर बोला ध्यान से आवाज सुन कट कट कट कट आवाज आ रही है यह क्या है यह शिकारी की आवाज है इसने मेरी मां को मार डाला मेरी मां के पंखों को नोच रहा है और यह पंख पूरे देश में भेजेगा
यह कोई जीवन है अगले घंटे का पता नहीं तो कौआ बोला तेरे हिसाब से हमें क्या बनना चाहिए और कौन खुश है

कौआ तू , कौआ बोला मैं कैसे मोर बोला मटर बिरयानी सुनी है कौआ बोला चिकन बिरयानी सुनी है कौआ बोला हाँ
कौआ बिरयानी सुनी है , कौआ - नहीं
तुझे जान का खतरा है , कौआ - नहीं
तझे किसी से तकलीफ़ ,कौआ - नही
किसी को तुझसे तकलीफ , कौआ - नहीं
अरे तू मस्त जी हमे तो अगले घंटे का पता नही तुझसे बडिया कौन ।


शिक्षा - आप जो हैं जैसे अवस्था में हैं जिस रंग के साथ हैं मस्त हैं किसी से अपनी तुलना ना करें

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