आम आदमी short story in hindi

                        आम आदमी

आज आपके लिए hindustory.com लाया है एक आम आदमी की कहानी एक गांव में एक गरीब किसान रहता था वह अपना घर और अपने परिवार को अनाज पैदा करके अपना परिवार चलाता था किसान का नाम जग्गू था लेकिन जग्गू के पास बहुत ही कम खेती थी पर जितनी भी थी वह उसी में खुश था 
Farmer


एक दिन जग्गू अपने खेत में पानी लगा रहा था दोपहर होने के बाद वह अपने घर खाना खाने आया तभी बाहर से आवाज़ आई की जग्गू तुम्हारे खेत में कई सारी भैंसे खेत में घुस गई हैं

तभी जग्गू खाना छोड़ कर खेत की ओर चला जब तक खेत पहुंचता तो खेत में काफी नुकसान हो गया था तो जग्गू को बहुत गुस्सा आया तो उसने भैंसों को लाठी से मानने लगा तथा जो भैंसों को चरा रहा था

वह आराम से नीम के पेड़ के नीचे बैठे आराम कर रहा था और देख कर हंस रहा था जग्गू ने खेत से सभी भैंसों को निकाला और जो भैंस चराने वाला था उसको भी डाटा तब भैंस चराने वाले ने कहा तुम्हें पता है यह किसकी भैंसे हैं तो जग्गू ने कहा मुझे क्या पता यह किसकी भैंसे हैं तो

 भैंस चराने वाले ने कहा यह भैसे जमींदार राणा जी की हैं और तुम ने उन्हें लाठी से मारा है तो जग्गू ने कहा तो मैं क्या करता तुम तो आराम से पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे और मेरे खेत में सभी भैंसो को चरा रहे थे तो मैं उन्हें लाठी से नहीं तो क्या हाथों से मारता।

शाम हुई यह सब बातें राणा जी को पता चली तो वह शाम को जग्गू के घर में आए और जग्गू को बहुत बेदर्दी से मारा अगले दिन जग्गू ने पुलिस स्टेशन में कम्पलेन लिखवाने गया तो हवलदार ने कहा तुम यहीं बैठो अभी साहब जरूरी काम कर रहे हैं काफी देर हो गई तब जाकर जग्गू को ऑफिस में बुलाया गया जग्गू से पूछा कि क्या बात है 

तो जग्गू ने पूरी कहानी सुनाई तब ऑफिसर ने कहा ठीक है मैं तुम्हारी कम्पलेन लिखता हूं अभी तुम बाहर बैठे काफी देर जग्गू बैठा रहा तब हवलदार ने कहा कि जाओ दुकान से एक ठंडा की बोतल और कुछ पान मसाला लेकर आओ तो तुम्हारी कम्पलेन जल्दी लिख जाएगी

आखिर जग्गू क्या करता वह दुकान में गया और एक ठंडा की बोतल और कुछ पान मसाले लेकर आया कुछ देर तक ऑफिस में ठंडा पिया गया ठंडा खत्म होने के बाद भी जग्गू की कम्पलेन नहीं लिखी गई तो जग्गू ने कहा कि क्या तुम मेरी कम्पलेन नहीं लिखोगे ।

 तो ऑफिसर ने कहा ठीक है मैं तुम्हारी कम्पलेन लिखता हूं।ऑफिसर ने राणा जी को फोन मिलाया और बताया कि तुम्हारे नाम की कम्पलेन जग्गू नाम का कोई व्यक्ति लिखाने आया है तो राणा ने कहा कि तुम एक नकली कम्पलेन लिख लो और उसे जाने दो।

ऑफिसर ने ऐसा ही किया तो जग्गू ने कहा कि तुमने मेरी कम्पलेन रजिस्टर में क्यों नहीं लिखी है तो उसने कहा वह हम बाद में चढाएंगे और जग्गू अपने घर लौट आया तीन से चार दिन हो गए लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया

 तो जग्गू को लगा कि अब मुझे मुख्यमंत्री जी को ही कम्पलेन भेजनी पड़ेगी तो जग्गू ने एक लिफाफा में एक चिट्ठी लिखी और मुख्यमंत्री जी को डाक के द्वारा चिट्ठी भेज दी कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री के पास जग्गू की चिट्ठी पहुंची तो वह चिट्ठी मुख्यमंत्री जी ने पड़ी तो उसमें लिखा था

 कि मेरे प्यारे मुख्यमंत्री जी मैं एक गरीब किसान हूं जो कि आप सभी के लिए अनाज उगाता हूं लेकिन मेरी एक छोटी सी  कम्पलेन भी नहीं लिखी गई ना ही एक्शन लिया गया और उसी चिट्ठी में पूरी कहानी लिखी थी यह सब पढ़कर मुख्यमंत्री जी की आंखों में आंसू आ गए

तब मुख्यमंत्री जी ने संदेशा भेजा और उस गांव के पुलिस स्टेशन में सभी कर्मचारियों के ऊपर एक्सन लिया गया। और राणा जी को जेल के अंदर डाला गया आखिरकार जग्गू की कम्पलेन पर पूरा एक्शन लिया गया।

शिक्षा - इस कहानी से हमें यह पता चलता है कि हम अगर हार ना माने तो गरीब और अमीर क्या होता है कानून तो सबके लिए बराबर होता है











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