सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi


Motivational quotes for students in hindi



Motivational quotes for students in hindi


Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi


Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi

Motivational quotes for students in hindi


Motivational quotes for students in hindi

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गौतम बुध्द की सीख (Learning of Gautam Buddha)

एक बार की बात है गौतम बुद्ध अपने  शिष्यों के साथ एक गांव से गुजर रहे थे  तभी गौतम बुद्ध को अचानक से प्यास लगी उन्होंने अपने शिष्य से कहा हम सभी लोग इस पेड़ के नीचे आराम कर रहे हैं


 तुम जाओ गांव के पास एक तालाब है वहां से इस घड़े में पानी भरकर ले आओ शिष्य आज्ञाकारी था वह तालाब के पास पहुंचा तो उसने देखा कि उस तालाब पर तो किसान अपने बैलों को स्नान करा रहे हैं 


और लोग तालाब पर कूद कूद स्नान कर रहे है इसके कारण तालाब का पानी तो गंदा था वह सोचने लगा कि इतना गंदा पानी गुरु जी को लेकर जाऊं तो कैसे जाऊं थोड़ी देर इंतजार किया फिर वह अपने गुरूजी के पास वापस पहुंच गया 


जहां गौतम बुध्द एक पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे और गौतम बुद्ध से कहा माफी चाहता हूं गुरुदेव मैं चाहता था पानी भरकर लाना लेकिन पानी इतना गंदा था कि मैं पानी भर कर नहीं ला पाया गौतम बुद्ध ने उससे कहा चलो अच्छा तुम भी यही आराम कर लो आधे घंटे बाद गौतम बुद्ध ने शिष्य से कहा 

ये भी पढे़-पानी और समय की कीमत. /. Water and time . motivational


तुम जाओ इस घड़े में तालाब से पानी भरकर ले आओ बहुत तेज प्यास लगी है शिष्य फिर से तालाब पर पहुंचा तो उसने …

चुपचाप- Short film story in hindi

                           "चुपचाप"
"  चुपचाप सब हो जाता है होकर के करके गुजर जाता है ,वो शैतानी काला साया पीछे से आ जाता है ,गुर्दा के ऐसे फटता है जैसे बाज चिड़िया ले जाता है, बदन पर फर्क क्या ही पड़ेगा वो रूह में आग लगाता है ,चुपचाप सब हो जाता है होकर करके गुजर जाता है ,रास्ते पर इज्जत लुटती है रास्ता भी र्थथराता है आंख से आंसू नहीं गिरता कुछ लहू सा  टपक जाता है, चुपचाप सब हो जाता है होकर करके गुजर जाता है, मिलता उसको इंसाफ यहां जो इसके लिए लड़ जाता है, उसके जख्म नासूर बने जो अपने जख्म छुपाता है, चुपचाप सब हो जाता है वह करके गुजर जाता है  "
यह कहानी रुनझुन की मां की कहानी है मां का नाम गीता था रुनझुन के पिता का नाम रजत था यह कहानी शुरू होती है रुनझुन के घर से रुनझुन स्कूल के लिए तैयार हो रही थी तभी रजत ने टीवी ऑन कर दी इसमें   एक बलात्कार की खबर आ रही थी तभी रजत ने गीता से कहा सुनो रुनझुन का शाम 7:00 बजे का ट्यूशन बंद करा दो कहीं हमारी रुनझुन के साथ कुछ गलत ना हो जाए तो तुम साथ उसे कोचिंग छोड़ने और लेने जाना और रजत ऑफिस चला गया था है 

गीता भी रुनझुन को स्कूल ले जाती…