डर के आगे जीत है

                    डर के आगे जीत है 

ये कहानी उस लडके की है
जो 10th class मे पढता था  और उसे प्रतिदिन 15km दूर 
साइकिल से जाना पढता था और बीच मे एक जंगल पढता था
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     उस लडके का नाम था राहुल राहुल  को bord पेपर देने का समय आ चुका था राहुल को जब पहला पेपर देने
जाना था तभी उसे सुबह 5 बजे से घर से निकलना था
 सर्दी का मौसम था स्कूल जाने से पहले उसके पिताजी ने
3000हजार रूपये   उसकी मौसी को देने को कहा जो की स्कूल के पास घर पढता था राहुल ने कहा ठीक है मै दे दूगाँ राहुल ने घर से चल दिया जब वह जंगल के पास पहुचने वाला था तभी अचानक से सियार ने रास्ता काट दिया राहुल डर गया था तभी वो सोचने लगा कि मेरे पास 3000हजार रूपये है कुछ देर सोचता रहा तभी उसने उन रुपयोंं को अपने पैरो
 के मोजो के अन्दर डाल लिये और जंगल की ओर चल पढा


जब वह बीच जंगल मे  पहुचा तभी उसे रोड से कुछ दूर दो ठग दिखे जो लोगो को लूट लेते थे राहुल तो डर सा गया था उसकी धडकन बहुत तेज चुकी थी उसे लग रहा था
कि वह मारा जायेगा  उसने कुछ हिम्मत जुटाई और आगे बडा
दोनो ठग पास ही आ रहे थे लेकिन रोड पे नही थे  रोड से कुछ ही दूर रह गये थे राहुल जब उनके पास पहुचा तभी ठग ने तेजी सी आवाज मे कहा रुक बे कौन है तू राहुल ने साइकिल की पैडल को तेजी से मारा साइकिल की   चाल तेजी हो गयी लेकिन कुछ ही दूर पर साइकिल की चैन उतर गयी


 राहुल तो डर ही गया था राहुल ने मन मे सोचाँ  आगे जीत है यह सोचकर राहुल ने हार नही   मानी और साइकिल को रोका नही और चलने दी कुछ ही दूर पर चढायी थी राहुल ने सोचा की चढायी पार हो जाये जैसे ही चढायी पार हो गयी तभी
साइकिल और तेजी से चल रही थी अब वह काफी दूर निकल
गया था तब तक  साइकिल रुक चुकी थी वह जल्दी से साइकिल से उतरा और चैन को चढाने लगा तभी साइकिल की चैन फस चुकी थी राहुल ने साइकिल को पैदल ही दौडाने लगा  चलता गया जब आगे एक छोटा से गाँव के पास पहुचा तभी
 उसने अपनी साइकिल की चैन को चढाया और बहुत कठिन से वह अपने स्कूल पहुचा और   उसने पेपर को दिया और वह अपनी मौसी के पास पहुचा और उनको बताया की दो ठग
 मुझे मिल गये थे और उनके रुपये दे दिये राहुल ने बाकी पेपर अपनी मौसी के घर से दिये 👍👌


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